बिंदास बोल @ कविता
💥शिक्षक दिवस विशेष💥
ए वक्त,
तुम ही मेरे सबसे बड़े गुरु हो,
तुमसे ही तो जाना मैंने,
कौन अपनों में भी है पराया,
कौन परायों में भी अपना है...
किसका प्रेम यथार्थ पर टिकता है,
किसका स्नेह दिखावा, सपना है..
ये तुमने ही तो दिखाया है..
कौन पास रहकर भी साथ नहीं,
कौन साथ होकर भी पास नहीं,
ये तुमने ही तो सिखाया है..
तुमने एक चश्मा दिया है मुझे,
जिसे पहनकर दुनिया की हकीकत दिखी मुझे..
ए वक्त,
जब तुम ठीक थे तो हर शख्स ठीक दिखा,
जब तुम नाराज़ हुए तो हर शख्स दूर दिखा ,
ओ वक्त,
वो जो तुमने सिखाया है न,
वो किताबों के पन्नों में भला कहाँ मिलता है..
आगे भी जीवन के सफर में,
हर कदम पर, हर मोड़ पर..
जीवन की ये गुत्थियां सुलझाते रहना...
तुम इसी तरह गुरू का फर्ज निभाते रहना...
सभी को शिक्षक दिवस की शुभकांंमनाए
✍बबिता शर्मा
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