(फोटो : फ़ाईल)
💥अतिशय क्षेत्र बाड़ा पदमपुरा 20 सितम्बर के बाद ही श्रद्धालुओ के लिये खुलेगा
💥श्री टोडरमल स्मारक, बापू नगर 30 सितम्बर तक बन्द रहेगा
💥छोटे मन्दिर दर्शन के लिये खुलेंगे, लेकिन पूजन घरो मे रहकर ही की जायेगी
💥अतिशय क्षेत्र श्रीमहावीर जी 15 सितम्बर के बाद श्रद्धालुओ के लिये खोला जायेगा
बिंदास बोल @ जयपुर : राज्य सरकार ने 7 सितम्बर, 2020 से दर्शनार्थियों के लिए धार्मिक स्थल खोलने के आदेश जारी कर दिये है।लेकिन लगातार बढते कोरोना संक्रमण को देखते हुए बडे मंदिरों एवं अतिशय क्षेत्रों को दर्शनार्थियों के लिए खोलने में असमर्थता जताई है। श्री दिगम्बर जैन मंदिर महासंघ के अध्यक्ष महेन्द्र कुमार पाटनी ने बताया कि कई मन्दिरों /अतिशय क्षेत्रों की प्रबंध समितियों ने आपसी राय कर यह तय किया है कि वैशविक महामारी कोरोना संक्रमण इन दिनों में कुछ अधिक तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में जैन श्रद्धालुओ के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिशय क्षेत्र व बड़े मन्दिर जी को अभी 15 दिन श्रद्धालुओ के लिये बन्द रखा जाए, 15 दिवस के बाद उस समय की स्थिति को देखते हुए उसी अनुरुप समीक्षा कर, आपस में विचार विमर्श कर दर्शनार्थियों के लिए मंदिर खोलने का निर्णय लिया जावेगा । वही छोटे दिगम्बर जैन मंदिरों की प्रबन्ध-कारिणी समितियों ने राज्य सरकार के निर्देश व कोविड गाइडलाइन की पालना करते हुए 7 सितम्बर से खोलने की तैयारियां की जा रही है।
अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन परिषद् के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य विनोद जैन 'कोटखावदा' से प्राप्त सूचना अनुसार दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी व दिगम्बर जैन नसिया भट्टारक जी जयपुर 15 सितम्बर तक बन्द रहेगा। वही श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा बाडा तथा श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र जग्गा की बावड़ी 20 सितम्बर तक बन्द रहेगा। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन चैत्यालय, गणेश मार्ग, बापू नगर 21 सितम्बर तक बन्द रहेगा । वही श्री टोडरमल स्मारक, बापू नगर 30 सितम्बर तक बन्द रखने का निर्णय प्रबन्धकारिणी समिति ने लिया है।
उन्होने बताया कि जयपुर के जैन मंदिरों के अध्यक्ष एवं महामंत्री की 7 सितम्बर 2020 से धार्मिक स्थल दर्शनार्थ खोले जाने पर व्यवस्था के सम्बन्ध में सोशल मीडिया ग्रुप पर विस्तृत चर्चा हुई।
जिसके अनुसार मंदिर परिसर में प्रवेश पर सभी साधर्मियों के लिए मास्क (फेस कवर) लगाना अनिवार्य होगा। मुख्य दरवाजे पर थर्मल स्केनिंग, हैंड वाश करके ही मंदिर में प्रवेश हो सकेगा। (मंदिर में जो भी व्यवस्था हो)
मंदिर में दर्शन हेतु मंदिर में एक समय में सिर्फ सीमित संख्या में व्यक्ति ही प्रवेश कर सकेंगे। घंटा बजाने, द्रव्य चढ़ाने, गंधोदक, जिनवाणी छूने, माला लेकर जाप्य करने पर प्रतिबंध रहेगा। सोशल डिस्टेंस बनाकर निर्धारित स्थान से ही दर्शन करने की व्यवस्था रहेगी। दर्शन करने में ज्यादा समय नही लगा सकेंगे। साधर्मी बन्धु पूजा- अर्चना पूर्व की भांति अपने घरों में करेंगे। अभिषेक क्रिया व नियमित प्रक्षाल सिर्फ कुछ व्यक्तियो द्वारा होगी (मंदिर प्रबन्ध कार्यकरिणी की व्यवस्था के अनुसार ), अभिषेक करने वाले व्यक्ति शुद्ध धोती-दुपट्टा अपने घर से ही पहनकर आयेगे। कोई भी सामूहिक पूजन, किसी भी तरह का कार्यक्रम एवं प्रवचनों का आयोजन नहीं किया जावेगा, शासकीय आदेशों व कोविड गाइड लाइन की पूर्ण पालना की जावेगी।
Comments